हेलो दोस्तो ! कहानी की इस नई Series में आप सभी का स्वागत है। आज की इस कहानी का नाम है – ” छलावा ” यह एक Horror Story है। अगर आपको Hindi Horror Stories, Chalawa Stories या Darawani Kahaniyan पढ़ने का शौक है तो इस कहानी को पूरा जरूर पढ़ें।
आधी रात का समय होता है चार दोस्त एक गाड़ी में बैठे हुए गांव के एक जंगल के रास्ते से गुजर रहे थे। वहां पर चारों तरफ सन्नाटा और झाड़िया ही थीं।
उन्होंने अपनी गाड़ी के अंदर म्यूजिक बजाया हुआ था। वो चारों बहुत खुश थे कि तभी उनके दोस्त का फोन आता है।
देव, “अरे! कहां हो तुम लोग? कल मेरी शादी है और तुम्हें आज शाम तक पहुंच जाना चाहिए था।”
वैभव, “साले एक तो तूने दो दिन पहले ही अपनी शादी के बारे में बताया है हमें तैयारी भी करने नहीं दी और अब पूछ रहा है कि हम कहां है?
इतनी गर्मी में दिन का ट्रेवल करना कितनी मुश्किल होती है इसलिए हम शाम को निकले थे अभी हम आधे रास्ते में पहुंच गए हैं।”
देव, “क्या बात कर रहा है तू? अरे! तुम्हें मैंने कहा था कि रात के समय मत निकलना। यहां पर गांव से पहले एक रास्ता पड़ता है जहां एक छलावा रहता है।
देखो अगर तुम निकल चुके हो तो तुम थोड़ा ध्यान से आना और गाड़ी कहीं मत रोकना सीधा गांव में आना।”
शनाया, “बट द रबिश देव? यह छलावा बलावा कुछ नहीं होता। तुम भी ना आजकल के जमाने में पैदा होने के बाद भी कैसी उल्टी सीधी बातें करते हो?”
वैभव, “अरे मेरे दोस्त! तू चिंता मत कर, हम पहुंच जाएंगे। चल अब तू फोन रख, हमें गाने बजाने है गाड़ी में।”
अमन, “यार कहीं देव सही तो नहीं बोल रहा? ऐसी भी चीजें होती है, मुझे तो डर लग रहा है।”
विराट, “अबे ये फट्टू कहीं का? तुझे तो छिपकली से भी डर लगता है तो क्या उसके अंदर भूत होता है या फिर छलावा?
फालतू की बातें बंद कर और जो मैंने तुझे गाने की लिस्ट दी है, उसे फटाफट बजा।”
फोन कट होने के बाद अमन, वैभव, विराट शनाया चारों दोस्त गाड़ी में गाने बजाते हुए जा रहे थे। विराट गाड़ी ड्राइविंग कर रहा था। उसका सारा ध्यान रास्तों पर था।
गाड़ी स्पीड से चल रही थी। तभी अचानक से उसके सामने एक छोटी बच्ची आ जाती है और वो बहुत तेज ब्रेक मारता है जिसकी वजह से उसके दोस्त उस पर चिल्लाने लगते हैं।
लेकिन उसकी सांसें अटकी हुई थी और चेहरे पर पसीना था। वह हकलाते हुए अपने दोस्तों को छोटी बच्ची के बारे में बताता है और गाड़ी से निकलकर चारों तरफ देखता है।
लेकिन वह छोटी बच्ची कहीं भी दिखाई नहीं देती। अब अपने दोस्तों के कहने पर वह चुपचाप दोबारा से गाड़ी चलाना शुरू कर देता है।
विराट अब बहुत ध्यान से गाड़ी चला रहा था क्योंकि उसके दिमाग से उस छोटी बच्ची का ख्याल जा ही नहीं रहा था।
तभी अचानक से उसके कंधे पर एक जला हुआ हाथ आता है और वो फिर से बहुत तेज ब्रेक मारता है।
छलावा | CHALAWA | Horror Story | Chalawa Story | Chudail Ki Kahani | Horror Stories in Hindi
शनाया, “व्हाट द रबिश? विराट, तुम्हें भी क्या हो गया है? बार-बार इस तरह से ब्रेक क्यों मार रहे हो? मारना चाहते हो क्या?”
विराट, “अरे! मेरे कंधे पर किसी का जला हुआ हाथ था, क्या तुमने देखा?”
अमन, “ये लो, सब लोग मेरा मजाक उड़ाते हैं यहां तो कोई और ही डर रहा है।”
वैभव, “साले तुझे चढ़ गई है क्या? अब चुपचाप गाड़ी चला ले।”
विराट बहुत ज्यादा परेशान हो गया था। उसका चेहरा देखकर वैभव गाड़ी चलाना शुरू करता है। देखते ही देखते रात और घनी और काली हो रही थी।
वो लोग जंगल के रास्ते जा रहे थे। कुछ दूरी पर चलने के बाद वैभव फिर से गाड़ी रोकता है और…
वैभव, “अरे! बहुत जोर से आई है यार, मैं अभी आता हूं।”
अमन, “मैं भी चलता हूं।”
विराट, “तो फिर मैं भी चल लेता हूं।”
अब तीनों दोस्त हल्के होने चले जाते हैं और इधर शनाया अपना फोन निकालकर गाड़ी से बाहर आती है और सेल्फी लेना शुरू करती है।
इसी के साथ वो अपने फोन का कैमरा ऑन करके वीडियो शूट करने लगती है जिसमें वह अपने तीनों दोस्तों को भी ले लेती है।
जब वो वापस गाड़ी की तरफ आ रहे होते हैं तो शनाया गाड़ी से थोड़ी दूर पर खड़ी होती है और दो जले हाथ अचानक से शनाया के कंधे पर आते हैं।
और शनाया को खींचते हुए जंगलों के अंदर ले जाते हैं। ये देख वो सारे दोस्त दंग रह जाते हैं उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा होता।
उन सभी दोस्त के चेहरे पर डर अब साफ दिखाई दे रहा था। उन्हें यह महसूस हो गया था कि कुछ तो है जिसकी वजह से वो डर के मारे कांपने लगे थे।
अमन, “देखा, मैंने कहा था ना। तुम लोगों ने मेरी बात ही नहीं सुनी थी।”
वैभव, “शनाया कहां है? उसे कौन लेकर गया है?”
विराट, “मेरी गर्लफ्रेंड… अरे! उसकी मां को पता है कि वो मेरे साथ है। अगर उसे कुछ हो गया तो मैं तो जेल में पहुंच जाऊंगा।”
तीनों दोस्त घबराए हुए थे। अब वो तीनों जिस तरफ शनाया को खींचा गया था वो तीनों उधर की तरफ जाकर शनाया को ढूंढने लगते हैं।
ढूंढते ढूंढते वह जंगलों में पहुंच जाते हैं। तभी विराट को अचानक से एक आवाज आती है जैसे कोई उसे बुला रहा हो।
वह उस आवाज के पीछे जाने लगता है जिसके चलते वह अपने दोनों दोस्तों से दूर हो जाता है। चलते चलते वह जंगलों के बीच में पहुंच जाता है।
वहां उसे शनाया दिखाई देती है। शनाया उसे अपने हाथों से इशारे करके अपनी तरफ बुलाने लगती है।
विराट अपने दोस्त को अपने साथ ले जाने के लिए उसके पीछे पीछे जाने लगता है। तभी विराट उसे रुकने के लिए बोलता है और शनाया के पास जाकर उसे गले लगा लेता है।
विराट, “थैंक गॉड! शनाया तुम्हें कुछ नहीं हुआ। तुम्हें पता है हम लोग कितना डर गए थे? चलो अब गाड़ी के पास चलो। हमें वैसे भी देरी हो रही है।”
छलावा | CHALAWA | Horror Story | Chalawa Story | Chudail Ki Kahani | Horror Stories in Hindi
विराट शनाया से बात करता जा रहा था लेकिन शनाया उसकी बात का कोई जवाब ही नहीं दे रही थी।
जैसे वह कंधे से उसका मुंह हटा कर देखता है तो वह देखता है कि वो कोई शनाया नहीं बल्कि एक बहुत भयानक चुड़ैल है।
उसका चेहरा देखते ही विराट को समझ आ जाता है कि जिसे वह गले से लगाकर खड़ा था वो कोई शनाया नहीं बल्कि एक छलावा थी जो उसके साथ खेल रही थी।
तभी वो छलावा जोर जोर से हंसने लगता है। उसकी हंसी की आवाज से विराट को उसके कानों में दर्द होने लगता है। वह अपने कानों पर हाथ लगाता है।
इतने में वह छलावा उसकी गर्दन पर मुंह रखकर उसका सारा खून चूस लेता है और चुटकियों में गायब हो जाता है।
इधर जंगलों के अंदर अमन और वैभव शनाया को ढूंढ रहे थे लेकिन जब उन्हें पता चलता है कि विराट भी नजर नहीं आ रहा तो वो दोनों उसे भी ढूंढने लगते हैं।
वैभव, “विराट कहां है यार तू? यहां शनाया नहीं मिल रही और अब तू भी गायब हो गया है।”
वैभव शनाया और विराट को ढूंढते हुए आगे बढ़ते जाता है और अमन वही झाड़ियों के हिलने की वजह से थम जाता है।
अब अमन वहां अकेला खड़ा रह गया था। तभी झाड़ियों में से शनाया निकलकर उसके पास आ रही होती है।
शनाया, “अमन, अमन मुझे बचा लो। अमन वो मुझे मार देगा। वो और कोई नहीं, छलावा है। वो हमें एक एक करके मार देगा।”
अमन, “तुम चिंता मत करो, हम लोग आ गए हैं। सब ठीक हो जाएगा।”
शनाया को रोते हुए देख अमन को उस पर तरस तो आ रहा था लेकिन तभी वह अचानक से सोच में पड़ जाता है।
शनाया को कोई जंगलों में बहुत बुरी तरह खींचते हुए लेकर गया था लेकिन यहां तो उसकी हालत बिल्कुल ठीक दिखाई दे रही थी।
ना उसके शरीर पर कोई घाव था और ना ही कोई चोट लगी थी। वो बिल्कुल सही सलामत उसके सामने खड़ी थी और रो रही थी।
इस वजह से उसे उसके ऊपर शक होने लगता है और वो उसके पास बढ़ते हुए अचानक से रुक जाता है।
अमन, “वहीं रुक जाओ, आगे एक कदम मत बढ़ाना। मैं जानता हूं तुम कौन हो? तुम मेरी दोस्त शनाया नहीं हो, बताओ तुम कौन हो?”
अमन के मुंह से ये सुनते ही छलावा वहीं रुक जाता है और शनाया के रूप से अपने असली रूप में आ जाता है और जोर जोर से हंसने लगता है।
जिसके बाद वह एक काला साया बनकर उसके अंदर घुस जाता है और देखते ही देखते वह अमन को एक दर्दनाक मौत दे देता है।
जिसके बाद वह काला धुआं अमन के जिस्म से बाहर आता है और अचानक से गायब हो जाता है।
छलावा एक एक करके उन सभी दोस्तों को मारते जा रहा था। आखिर छलावा का काम भी तो यही होता है, लोगों को गुमराह करना और फिर मार देना।
अब सभी में से दो दोस्त बचे थे यानी कि शनाया और वैभव। वैभव चलते चलते जंगलों के बहुत अंदर पहुंच जाता है।
वहां उसे जंगलों में बेहोशी के हालत में शनाया पड़ी हुई नजर आती है।
वैभव, “अरे! यह तो शनाया है। शनाया… शनाया उठो!”
इतना बोलकर वो उसके पास जा ही रहा था कि तभी उसे बेहोश शनाया के ऊपर शक होने लगता है और वह वहीं रुक जाता है।
तभी शनाया को होश आता है और वह भी उठकर खड़ी होती है। अपने सामने वह जब वैभव को देखती है तो उसे भी वैभव के ऊपर शक होने लगता है।
छलावा | CHALAWA | Horror Story | Chalawa Story | Chudail Ki Kahani | Horror Stories in Hindi
उसे लगता है कि छलावा उसके साथ कोई खेल खेल रहा है। इसी तरह वह दोनों एक दूसरे को छलावा समझकर एक दूसरे से दूर भागने लगते हैं।
वह दोनों भागते भागते जंगलों में आगे की तरफ आ जाते हैं। लेकिन वह कहते हैं ना कि छलावा कुछ भी कर सकता है।
वह उन्हें इस तरह गुमराह कर देता है कि वह भागते हुए फिर दोबारा एक दूसरे से टकराते हैं।
जब वह फिर से एक दूसरे को देखते हैं तो डर जाते हैं और फिर एक दूसरे से दूर भागने की कोशिश करते हैं।
लेकिन इतने में उन दोनों को वही बच्ची दिखाई देती है जो विराट को गाड़ी चलाते समय दिखाई दी थी।
वैभव, “अगर यह छलावा मेरे सामने है तो फिर यह शनाया है।”
शनाया, “मेरे सामने छलावा है यानी वो वैभव है।”
वैभव और शनाया को अब समझ आ जाता है कि छलावा फिर से उनके साथ एक खेल खेल रहा था।
अब छलावा उन दोनों को दूर करने के लिए उन दोनों की तरफ बढ़ने लगता है और जोर-जोर से हंसने लगता है।
वैभव, “देव ने बिल्कुल सही कहा था। इस रास्ते में एक छलावा है और यह छलावा हम सभी को मार रहा है। पता नहीं हमारे बाकी दो दोस्तों के साथ क्या हुआ है?”
शनाया, “वैभव, मुझे बहुत डर लग रहा है। मुझे इस छलावे से बचा लो। मैं इसके हाथों नहीं मरना चाहती।
मुझे अपने घर जाना है। हम लोग कहां आकर फंस गये यार? मैंने ऐसा कभी नहीं सोचा था।”
अब दोनों को पता था कि छलावा उन्हें मार देगा जिसके कारण वह दोनों एक दूसरे को गले से लगा लेते हैं और अपना दुख बांटने लगते हैं।
तभी अचानक से सूर्य उदय होने लगता है। सूर्य की किरणें जैसे ही उस छलावा बच्ची के ऊपर पड़ती है उसके शरीर पर जलने जैसे निशान बनने लगते हैं।
मानो जैसे सूर्य की किरणें उसे जला रही हो। इसी के चलते छलावा सूर्य उदय होते ही वहां से गायब हो जाता है।
और वो सारा जंगल देखते ही देखते गांव में बदल जाता है। जब वैभव और शनाया यह सब देखते हैं तो उन्हें अपनी आंखों पर विश्वास नहीं होता। मानो एकदम से उनके लिए वक्त बदल गया हो।
आसपास के सभी लोग उन्हें बहुत घूर-घूर कर देख रहे होते हैं। यह सभी उन्हें छलावे की एक चाल लगती है और वह हाथ पकड़कर वहां से भागने लगते हैं।
भागते-भागते वो गांव के अंदर जाते हैं तभी गांव के कुछ लोग उन्हें उठाते हुए कहते हैं।
गांव वाले, “क्या हुआ तुम दोनों को? इस तरह क्यों भाग रहे हो? अभी तो अच्छे से चल रहे थे। सब कुछ ठीक तो है ना?”
वैभव और शनाया हकीकत में गांव में थे जहां सब लोग इंसान थे। और सब कुछ नॉर्मल था। जिसे वह छलावा समझ रहे थे, वह अब हकीकत था।
इससे उन्हें पता चलता है कि छलावा सिर्फ रात के समय ही आता है और सूर्य की किरणों में वह कमजोर हो जाता है।
वैभव और शनाया जैसे-तैसे करके देव के पास पहुंचते हैं। देव उन्हें छलावे के बारे में सब कुछ बताता है।
इसी के चलते देव उन्हें यह भी बताता है कि रात के समय जितने भी लोग छलावे के सामने आते हैं वो मारे जाते हैं और उनका कुछ पता नहीं चलता।
छलावा | CHALAWA | Horror Story | Chalawa Story | Chudail Ki Kahani | Horror Stories in Hindi
आज तक कोई जान ही नहीं सका कि वह छलावा बच्चा है, बच्ची है या कोई जानवर?
इस तरह उन चार दोस्तों में से सिर्फ दो दोस्त बचकर देव के पास पहुंचते हैं।
इस बार वो दोनों दिन के समय घर की तरफ लौटते हैं। घर आने के बाद उन्हें रियल जिंदगी में छलावे पर विश्वास हो जाता है और फिर वह छलावे को कभी मजाक नहीं समझते।
दोस्तो ये Horror Story आपको कैसी लगी, नीचे Comment में हमें जरूर बताइएगा। कहानी को पूरा पढ़ने के लिए शुक्रिया!

